16 सितंबर 2019 - 17:16
ड्रोन हमले से बौखलाए अमरीकी अधिकारियों के ईरान के बारे में एक से बढ़ कर एक बयान!!!

अमरीकी कॉन्ग्रेस की गुप्तचर कमेटी के प्रमुख ने ईरान के साथ कूटनैतिक संपर्क को पश्चिम एशिया के मौजूदा संकटयम हालात से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता माना है।

एडम शिफ़ ने, सऊदी अरब की अराम्को कंपनी पर यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन के स्वयंसेवी बल के शनिवार के ड्रोन हमलों की प्रतिक्रिया में, कहा कि ईरान सरकार के साथ कूटनैतिक संपर्क ही मौजूदा तनावपूर्ण हालात से बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता है। उन्होंने इसी तरह अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प की ईरान और गुट पांच धन एक के बीच 2015 में परमाणु समझौते जेसीपीओए से अमरीका को बाहर निकालने के फ़ैसले की आलोचना की।

ग़ौरतलब है कि यमन के अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से सऊदी अरब की अराम्को कंपनी पर हमले की स्वीकारोक्ति के बावजूद, एडम शिफ़ ने बीबीसी से इंटरव्यू में दावा किया कि इस हमले में ईरान की वैज्ञानिक तरक़्क़ी का हाथ है।

इससे पहले अमरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने शनिवार को ड्रोन हमले के लिए ईरान के ज़िम्मेदार होने का दावा किया था जिसे ईरान ने रद्द करते हुए कहा था कि अमरीका की अत्यधिक दबाव की नीति अब अत्यधिक झूठ बोलने की नीति में बदल गयी है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसवी ने कहा कि क्षेत्र में शांति की स्थापना और संकट के अंत का एकमात्र रास्ता यमन पर सऊदी अरब के हमले और उसे पश्चिमी देशों की ओर से मिलने वाली राजनैतिक व हथियारों की मदद रुकने पर निर्भर है।